国際連合食糧農業機関(FAO)が発表した2008年度の米生産量データによると、中国が192,612,200トンで1位、次いでインドが148,036,000トンと高い数値を記録しています。これら上位2か国で世界の米生産総量の半分以上を占めています。その他、インドネシア、バングラデシュ、ベトナムがそれぞれ3位から5位にランクインしており、アジアの国々が上位を独占する形となっています。一方で、日本は11,028,750トンの生産量で10位に位置しており、この順位は米需要の現状と生産体制の特徴を示しています。
| 順位 | 国名 | 地域 | 生産量(トン) |
|---|---|---|---|
| 1 |
|
アジア | 192,612,200 |
| 2 |
|
アジア | 148,036,000 |
| 3 |
|
アジア | 57,661,000 |
| 4 |
|
アジア | 46,742,000 |
| 5 |
|
アジア | 38,729,800 |
| 6 |
|
アジア | 32,572,528 |
| 7 |
|
アジア | 32,022,992 |
| 8 |
|
アジア | 16,815,548 |
| 9 |
|
南アメリカ | 12,061,465 |
| 10 |
|
アジア | 11,028,750 |
| 11 |
|
アジア | 10,428,000 |
| 12 |
|
北アメリカ | 9,241,170 |
| 13 |
|
アフリカ | 7,253,373 |
| 14 |
|
アジア | 7,175,473 |
| 15 |
|
アジア | 6,468,281 |
| 16 |
|
アジア | 4,523,693 |
| 17 |
|
アフリカ | 4,179,000 |
| 18 |
|
アフリカ | 3,914,175 |
| 19 |
|
アジア | 3,875,000 |
| 20 |
|
アジア | 2,969,910 |
| 21 |
|
アジア | 2,862,000 |
| 22 |
|
南アメリカ | 2,775,800 |
| 23 |
|
南アメリカ | 2,412,852 |
| 24 |
|
アジア | 2,353,000 |
| 25 |
|
アジア | 2,070,003 |
| 26 |
|
アフリカ | 1,624,246 |
| 27 |
|
アフリカ | 1,534,088 |
| 28 |
|
アジア | 1,457,175 |
| 29 |
|
南アメリカ | 1,442,052 |
| 30 |
|
アフリカ | 1,420,570 |
| 31 |
|
ヨーロッパ | 1,388,900 |
| 32 |
|
南アメリカ | 1,330,000 |
| 33 |
|
南アメリカ | 1,245,800 |
| 34 |
|
南アメリカ | 1,092,268 |
| 35 |
|
南アメリカ | 778,511 |
| 36 |
|
アジア | 753,325 |
| 37 |
|
ヨーロッパ | 738,300 |
| 38 |
|
アフリカ | 680,097 |
| 39 |
|
アフリカ | 679,969 |
| 40 |
|
ヨーロッパ | 665,200 |
| 41 |
|
アジア | 612,000 |
| 42 |
|
南アメリカ | 507,036 |
| 43 |
|
南アメリカ | 436,000 |
| 44 |
|
アフリカ | 408,219 |
| 45 |
|
南アメリカ | 337,800 |
| 46 |
|
アフリカ | 316,530 |
| 47 |
|
南アメリカ | 314,118 |
| 48 |
|
アフリカ | 301,920 |
| 49 |
|
アフリカ | 295,150 |
| 50 |
|
南アメリカ | 285,066 |
| 51 |
|
アジア | 254,710 |
| 52 |
|
アジア | 248,157 |
| 53 |
|
南アメリカ | 224,371 |
| 54 |
|
南アメリカ | 221,474 |
| 55 |
|
アフリカ | 195,102 |
| 56 |
|
ヨーロッパ | 185,296 |
| 57 |
|
南アメリカ | 182,877 |
| 58 |
|
アフリカ | 177,857 |
| 59 |
|
アフリカ | 173,992 |
| 60 |
|
ヨーロッパ | 150,680 |
| 61 |
|
アフリカ | 148,757 |
| 62 |
|
南アメリカ | 144,692 |
| 63 |
|
南アメリカ | 121,400 |
| 64 |
|
アフリカ | 114,885 |
| 65 |
|
アジア | 113,700 |
| 66 |
|
ヨーロッパ | 111,523 |
| 67 |
|
南アメリカ | 110,000 |
| 68 |
|
アフリカ | 109,371 |
| 69 |
|
ヨーロッパ | 100,700 |
| 70 |
|
アフリカ | 88,177 |
| 71 |
|
アフリカ | 85,540 |
| 72 |
|
アフリカ | 82,163 |
| 73 |
|
アフリカ | 82,000 |
| 74 |
|
アジア | 80,257 |
| 75 |
|
アジア | 77,391 |
| 76 |
|
アフリカ | 72,009 |
| 77 |
|
アフリカ | 70,846 |
| 78 |
|
アフリカ | 61,025 |
| 79 |
|
アジア | 53,989 |
| 80 |
|
南アメリカ | 49,544 |
| 81 |
|
ヨーロッパ | 48,917 |
| 82 |
|
アフリカ | 44,520 |
| 83 |
|
ヨーロッパ | 38,645 |
| 84 |
|
アフリカ | 38,300 |
| 85 |
|
アフリカ | 37,971 |
| 86 |
|
南アメリカ | 35,218 |
| 87 |
|
アジア | 30,690 |
| 88 |
|
アフリカ | 24,023 |
| 89 |
|
南アメリカ | 23,972 |
| 90 |
|
アフリカ | 21,881 |
| 91 |
|
アジア | 17,700 |
| 92 |
|
オセアニア | 17,614 |
| 93 |
|
ヨーロッパ | 16,140 |
| 94 |
|
南アメリカ | 11,780 |
| 95 |
|
オセアニア | 11,595 |
| 96 |
|
アフリカ | 10,014 |
| 97 |
|
ヨーロッパ | 9,985 |
| 98 |
|
アフリカ | 8,414 |
| 99 |
|
アジア | 3,740 |
| 100 |
|
アフリカ | 3,000 |
| 101 |
|
オセアニア | 2,800 |
| 102 |
|
南アメリカ | 2,677 |
| 103 |
|
アフリカ | 1,300 |
| 104 |
|
アフリカ | 1,283 |
| 105 |
|
アジア | 1,150 |
| 106 |
|
アフリカ | 1,119 |
| 107 |
|
アフリカ | 887 |
| 108 |
|
オセアニア | 800 |
| 109 |
|
アフリカ | 648 |
| 110 |
|
アフリカ | 376 |
| 111 |
|
アフリカ | 334 |
| 112 |
|
オセアニア | 120 |
| 113 |
|
南アメリカ | 100 |
| 114 |
|
アジア | 0 |
| + すべての国を見る | |||
米は多くの国々にとって、主食として重要な役割を果たしている作物です。特にアジア諸国では、国民のカロリー供給源として圧倒的な存在感を示しています。2008年度のデータを分析すると、上位10か国のうち8か国がアジアに位置しており、世界全体の米生産の大部分を占めていることが明らかです。このようなアジアへの集中は、特にインドと中国の広大な耕地面積と適した気候条件によります。中国では約1億9,200万トンもの米を生産しており、世界最大の生産国です。米の生産量は、その膨大な国内需要を満たすためのものであると同時に、一部が輸出されることで国際市場にも影響を及ぼしています。
日本は2008年の米生産量が11,028,750トンで10位と健闘しています。しかしながら、日本の米生産は主に国内消費を目的としており、輸出量が限られている点で他国とは趣を異にします。日本の農地の面積は限られており、その中でも稲作は地域ごとの気候や地理的制約に左右されます。また、日本は需要減少や高齢化が進む農業従事者の減少といった慢性的な課題にも直面しています。
米の最大生産国である中国とインドは広大な農地、高い労働力、技術革新を背景に大規模な生産を継続しています。しかし、このような集中生産には課題もあります。一つは資源の枯渇や環境汚染です。たとえば、大量の水を必要とする稲作は、中国やインドの水資源問題を悪化させています。特に地表水や地下水の持続可能な管理は、将来的な生産の安定に向けて解決が必要です。
インドネシア(57,661,000トン)、バングラデシュ(46,742,000トン)、およびベトナム(38,729,800トン)もまた上位に位置しており、これらの国々はしばしば自然災害の影響を受ける地域です。洪水や台風は主に生産量へ悪影響を及ぼし、国際的な食糧価格の不安定化を引き起こす場合もあります。そのため、気候変動に伴う課題とそれに対応する農業のレジリエンス(回復力)の強化が重要となります。
日本を含む先進国では、機械化と技術革新による生産効率化が進行中です。しかし、それでも自然条件や高齢化は未だに克服すべき課題です。さらに、日本では国内消費の減少を補うために、海外輸出を拡大する取り組みも進められています。質の高い日本産の米は国際市場で高い評価を受けていますが、競争力強化のためにはコスト削減や輸出ネットワークの充実が必要です。
米生産に関連する地政学的背景も見逃せません。インドと中国のような大規模生産国は、貿易政策や国際市場との連携によって世界の米供給バランスに強い影響力を持っています。そのため、これらの国々が持続可能な農業体制を構築することは、世界的な食糧安全保障の観点でも重要です。一方、ベトナムやタイといった輸出大国は、輸出依存度の高さが経済の安定に影響を及ぼすため、輸出先の多様化が課題となっています。
結論として、現在の米生産量には各国の地理的条件、政策、環境問題など多様な要因が影響しています。そして今後の課題として、効率的で持続可能な生産体制を構築すること、自然災害に対する適応力を高めること、そして国内外での需要の変動に柔軟に対応することが挙げられるでしょう。また、国際社会としても、技術提携や食糧政策の協調の重要性がさらに高まる時代になると考えられます。これを実現するためには、各国間の協力が鍵となるでしょう。