国際連合食糧農業機関(FAO)のデータによると、2011年度の世界の米生産量ランキングでは、中国が202,882,500トンで1位、以下インド(157,900,000トン)、インドネシア(58,259,000トン)が続いています。日本は10位で10,707,000トンを生産しています。これらのデータは、世界的な主食として米がどのような役割を持ち、生産量において地域間や国間でどのような違いがあるかを示しています。
| 順位 | 国名 | 地域 | 生産量(トン) |
|---|---|---|---|
| 1 |
|
アジア | 202,882,500 |
| 2 |
|
アジア | 157,900,000 |
| 3 |
|
アジア | 58,259,000 |
| 4 |
|
アジア | 50,627,000 |
| 5 |
|
アジア | 42,398,344 |
| 6 |
|
アジア | 38,102,720 |
| 7 |
|
アジア | 29,010,000 |
| 8 |
|
アジア | 16,684,062 |
| 9 |
|
南アメリカ | 13,476,994 |
| 10 |
|
アジア | 10,707,000 |
| 11 |
|
アジア | 9,240,600 |
| 12 |
|
アジア | 8,779,000 |
| 13 |
|
北アメリカ | 8,388,780 |
| 14 |
|
アフリカ | 5,675,027 |
| 15 |
|
アジア | 5,615,916 |
| 16 |
|
アジア | 5,072,248 |
| 17 |
|
アフリカ | 4,612,614 |
| 18 |
|
アフリカ | 4,300,185 |
| 19 |
|
アジア | 3,894,890 |
| 20 |
|
アジア | 3,065,760 |
| 21 |
|
南アメリカ | 2,624,458 |
| 22 |
|
アジア | 2,575,988 |
| 23 |
|
アジア | 2,479,000 |
| 24 |
|
アフリカ | 2,248,320 |
| 25 |
|
南アメリカ | 2,009,945 |
| 26 |
|
アジア | 1,893,013 |
| 27 |
|
アフリカ | 1,792,801 |
| 28 |
|
南アメリカ | 1,748,075 |
| 29 |
|
アフリカ | 1,741,472 |
| 30 |
|
アジア | 1,666,273 |
| 31 |
|
南アメリカ | 1,643,000 |
| 32 |
|
ヨーロッパ | 1,490,150 |
| 33 |
|
南アメリカ | 1,185,900 |
| 34 |
|
アフリカ | 1,129,338 |
| 35 |
|
ヨーロッパ | 1,055,574 |
| 36 |
|
南アメリカ | 1,018,258 |
| 37 |
|
ヨーロッパ | 927,554 |
| 38 |
|
アジア | 900,000 |
| 39 |
|
南アメリカ | 874,690 |
| 40 |
|
アフリカ | 873,016 |
| 41 |
|
オセアニア | 723,283 |
| 42 |
|
アフリカ | 709,417 |
| 43 |
|
アジア | 672,000 |
| 44 |
|
南アメリカ | 619,198 |
| 45 |
|
南アメリカ | 566,400 |
| 46 |
|
アフリカ | 463,975 |
| 47 |
|
南アメリカ | 428,007 |
| 48 |
|
南アメリカ | 413,321 |
| 49 |
|
南アメリカ | 408,246 |
| 50 |
|
アフリカ | 405,824 |
| 51 |
|
アジア | 346,758 |
| 52 |
|
南アメリカ | 291,120 |
| 53 |
|
アフリカ | 291,000 |
| 54 |
|
南アメリカ | 278,975 |
| 55 |
|
アフリカ | 271,000 |
| 56 |
|
ヨーロッパ | 250,685 |
| 57 |
|
アフリカ | 240,866 |
| 58 |
|
南アメリカ | 235,298 |
| 59 |
|
アジア | 235,118 |
| 60 |
|
アフリカ | 233,000 |
| 61 |
|
アフリカ | 219,626 |
| 62 |
|
ヨーロッパ | 185,016 |
| 63 |
|
アフリカ | 175,213 |
| 64 |
|
アフリカ | 174,089 |
| 65 |
|
南アメリカ | 173,461 |
| 66 |
|
アフリカ | 172,687 |
| 67 |
|
ヨーロッパ | 169,900 |
| 68 |
|
アフリカ | 158,021 |
| 69 |
|
南アメリカ | 145,000 |
| 70 |
|
ヨーロッパ | 130,400 |
| 71 |
|
南アメリカ | 130,375 |
| 72 |
|
アジア | 119,758 |
| 73 |
|
アフリカ | 117,733 |
| 74 |
|
アフリカ | 112,233 |
| 75 |
|
アフリカ | 111,229 |
| 76 |
|
アジア | 98,297 |
| 77 |
|
アフリカ | 91,415 |
| 78 |
|
アフリカ | 88,619 |
| 79 |
|
アフリカ | 80,541 |
| 80 |
|
アジア | 78,730 |
| 81 |
|
アジア | 76,875 |
| 82 |
|
アフリカ | 74,133 |
| 83 |
|
ヨーロッパ | 65,261 |
| 84 |
|
ヨーロッパ | 59,619 |
| 85 |
|
アフリカ | 51,136 |
| 86 |
|
アフリカ | 49,410 |
| 87 |
|
南アメリカ | 49,224 |
| 88 |
|
南アメリカ | 30,404 |
| 89 |
|
ヨーロッパ | 26,964 |
| 90 |
|
南アメリカ | 25,589 |
| 91 |
|
アフリカ | 23,209 |
| 92 |
|
アジア | 22,650 |
| 93 |
|
アジア | 19,432 |
| 94 |
|
南アメリカ | 19,081 |
| 95 |
|
アフリカ | 17,840 |
| 96 |
|
アフリカ | 14,171 |
| 97 |
|
ヨーロッパ | 9,075 |
| 98 |
|
オセアニア | 7,914 |
| 99 |
|
アフリカ | 4,270 |
| 100 |
|
アジア | 3,695 |
| 101 |
|
アフリカ | 3,067 |
| 102 |
|
オセアニア | 2,777 |
| 103 |
|
南アメリカ | 2,663 |
| 104 |
|
アジア | 2,200 |
| 105 |
|
アフリカ | 1,492 |
| 106 |
|
アフリカ | 1,205 |
| 107 |
|
アフリカ | 1,051 |
| 108 |
|
オセアニア | 823 |
| 109 |
|
アフリカ | 736 |
| 110 |
|
アフリカ | 320 |
| 111 |
|
アフリカ | 316 |
| 112 |
|
南アメリカ | 235 |
| 113 |
|
オセアニア | 145 |
| 114 |
|
アフリカ | 4 |
| 115 |
|
アジア | 0 |
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2011年の世界の米生産量データから、米がアジア地域において中心的な農産物であることが明確に示されています。上位10か国のうち7か国がアジア諸国であり、中国とインドが世界生産量の過半数を占めています。中国は202,882,500トンで世界一の生産量を誇り、これは全体の米消費量における影響力の大きさを示しています。中国は広大な耕地面積と技術的効率性を活用し、国内の食糧安全保障を実現しています。インドも米生産で優れた役割を担っており、多くの農業人口が稲作に従事しています。この二国間の生産量差は約45,000,000トンですが、これは灌漑設備の整備状況や収穫の技術的効率の差が原因とも考えられます。一方で、インドネシア、バングラデシュ、ベトナム、タイなども上位に位置し、それぞれが地域の主食需要に応える重要な存在です。
日本は10,707,000トンで10位にランクインしましたが、特に注目すべきなのは、他と異なり全体の生産量規模では小さいものの高品質な米の生産に特化している点です。日本の稲作は資源が限られた土地で効率的に行われており、品種改良や先進的な農業技術を取り入れています。しかし、日本の米生産には人口減少や高齢化、農家の後継者不足といった構造的な課題が存在します。
アメリカ合衆国は8,388,780トンで順位は13位でしたが、輸出市場向けの米生産では先進国として大きな役割を果たしています。アメリカの米は主にカリフォルニア地域を中心に生産され、国内需要だけでなく国際マーケットにかかわることから、収益性が高い特徴があります。
地政学的に見れば、米は地域の安定性に直結する戦略的資源でもあります。例えば、南アジア諸国や東アジア地域では米の生産量が不足すれば食糧安全保障に影響を及ぼし、結果的に社会的・政治的不安定を招く恐れがあります。また、気候変動の影響で洪水や干ばつといった自然災害に悩まされる地域もあり、稲作生産量に大きな変化が生じる可能性があります。
未来に向けた具体的な提言としては、以下が考えられます。まず、生産国間で技術協力やインフラ整備を進めることで、特にインドや東南アジア諸国における生産効率を向上させることが重要です。たとえば、灌漑システムの近代化や水資源管理技術の共有が大きな効果を発揮するでしょう。また、国際協力機関や多国間の枠組みを通じ、米の貿易や在庫管理を安定させる政策を推進することも効果的です。
さらに、日本のように高齢化が進む国では農地の集約化やICT(情報通信技術)を活用したスマート農業を導入することが必要です。農作業の効率化は、国内生産量の維持や持続可能性を確保するために必須事項です。他方で、気候変動への対応も急務です。稲作が気候に強い品種改良や持続可能な農法の研究が益々求められます。
最後に、持続可能な米生産の促進と同時に、予期せぬ地域衝突や疫病、新型コロナなどの影響による供給網の断絶を回避するためのリスク管理も進めるべきです。これには、分散型の物流ネットワークの構築や、地域的な備蓄強化などが含まれます。米は単なる主要作物にとどまらず、世界の社会経済的安定において重要な役割を果たしているため、各国が協調して持続可能な米生産と消費を模索することが求められます。