1989年の世界における米の生産量ランキングでは、中国が1位(1億8,013万トン)、インドが2位(1億1,031万トン)と顕著な生産力を誇っており、この2国だけで世界の米生産量の大半を占めていました。これに続いて、インドネシア、バングラデシュ、タイなどのアジア諸国が上位に名を連ねています。日本は8位(1,293万トン)で、同じ先進国でもアメリカ(1,073万トン)を上回っています。一方、生産量が最も少ない香港特別行政区(3トン)を含め、各国・地域間では非常に大きな差が見られます。このランキングは、各国の地理条件、気候、技術、政策が米生産にどのように影響しているかを物語っています。
| 順位 | 国名 | 地域 | 生産量(トン) |
|---|---|---|---|
| 1 |
|
アジア | 180,130,000 |
| 2 |
|
アジア | 110,310,608 |
| 3 |
|
アジア | 44,725,584 |
| 4 |
|
アジア | 26,784,480 |
| 5 |
|
アジア | 20,601,008 |
| 6 |
|
アジア | 18,996,304 |
| 7 |
|
アジア | 13,806,500 |
| 8 |
|
アジア | 12,934,000 |
| 9 |
|
南アメリカ | 11,029,800 |
| 10 |
|
アジア | 9,458,772 |
| 11 |
|
アジア | 8,099,953 |
| 12 |
|
北アメリカ | 7,007,400 |
| 13 |
|
アジア | 4,830,150 |
| 14 |
|
アジア | 3,389,670 |
| 15 |
|
アフリカ | 3,303,000 |
| 16 |
|
アフリカ | 2,679,000 |
| 17 |
|
アジア | 2,672,000 |
| 18 |
|
アフリカ | 2,380,000 |
| 19 |
|
アジア | 2,355,243 |
| 20 |
|
アジア | 2,142,000 |
| 21 |
|
南アメリカ | 2,101,800 |
| 22 |
|
アジア | 2,063,437 |
| 23 |
|
アジア | 1,854,012 |
| 24 |
|
アジア | 1,743,444 |
| 25 |
|
アジア | 1,404,100 |
| 26 |
|
ヨーロッパ | 1,245,900 |
| 27 |
|
南アメリカ | 1,091,430 |
| 28 |
|
南アメリカ | 867,395 |
| 29 |
|
オセアニア | 805,000 |
| 30 |
|
アフリカ | 718,461 |
| 31 |
|
アフリカ | 708,690 |
| 32 |
|
アフリカ | 654,000 |
| 33 |
|
南アメリカ | 537,217 |
| 34 |
|
南アメリカ | 536,381 |
| 35 |
|
南アメリカ | 527,118 |
| 36 |
|
アフリカ | 517,800 |
| 37 |
|
南アメリカ | 490,000 |
| 38 |
|
南アメリカ | 474,213 |
| 39 |
|
南アメリカ | 415,800 |
| 40 |
|
アフリカ | 370,000 |
| 41 |
|
ヨーロッパ | 341,700 |
| 42 |
|
アフリカ | 337,749 |
| 43 |
|
アジア | 330,000 |
| 44 |
|
アジア | 320,000 |
| 45 |
|
アフリカ | 294,090 |
| 46 |
|
南アメリカ | 260,895 |
| 47 |
|
南アメリカ | 237,183 |
| 48 |
|
アジア | 231,800 |
| 49 |
|
南アメリカ | 226,852 |
| 50 |
|
南アメリカ | 207,159 |
| 51 |
|
南アメリカ | 185,186 |
| 52 |
|
アフリカ | 168,227 |
| 53 |
|
南アメリカ | 157,034 |
| 54 |
|
ヨーロッパ | 144,269 |
| 55 |
|
南アメリカ | 123,900 |
| 56 |
|
アフリカ | 110,238 |
| 57 |
|
ヨーロッパ | 106,202 |
| 58 |
|
アフリカ | 105,974 |
| 59 |
|
ヨーロッパ | 105,825 |
| 60 |
|
南アメリカ | 104,310 |
| 61 |
|
アフリカ | 95,000 |
| 62 |
|
南アメリカ | 87,466 |
| 63 |
|
アフリカ | 76,953 |
| 64 |
|
アフリカ | 73,700 |
| 65 |
|
ヨーロッパ | 70,200 |
| 66 |
|
南アメリカ | 63,719 |
| 67 |
|
アフリカ | 61,665 |
| 68 |
|
アフリカ | 56,680 |
| 69 |
|
アフリカ | 55,067 |
| 70 |
|
南アメリカ | 46,544 |
| 71 |
|
アフリカ | 45,690 |
| 72 |
|
アフリカ | 45,000 |
| 73 |
|
南アメリカ | 44,896 |
| 74 |
|
アジア | 43,000 |
| 75 |
|
ヨーロッパ | 42,723 |
| 76 |
|
アフリカ | 41,841 |
| 77 |
|
アジア | 40,452 |
| 78 |
|
アフリカ | 40,000 |
| 79 |
|
オセアニア | 31,827 |
| 80 |
|
ヨーロッパ | 28,434 |
| 81 |
|
アフリカ | 27,722 |
| 82 |
|
アフリカ | 21,230 |
| 83 |
|
アフリカ | 19,700 |
| 84 |
|
南アメリカ | 16,422 |
| 85 |
|
アフリカ | 15,000 |
| 86 |
|
アフリカ | 14,746 |
| 87 |
|
南アメリカ | 12,008 |
| 88 |
|
アフリカ | 11,734 |
| 89 |
|
アフリカ | 8,976 |
| 90 |
|
ヨーロッパ | 8,450 |
| 91 |
|
アフリカ | 8,100 |
| 92 |
|
南アメリカ | 5,042 |
| 93 |
|
アフリカ | 4,410 |
| 94 |
|
アフリカ | 3,000 |
| 95 |
|
アフリカ | 3,000 |
| 96 |
|
アフリカ | 3,000 |
| 97 |
|
アジア | 1,560 |
| 98 |
|
アフリカ | 1,480 |
| 99 |
|
アフリカ | 1,083 |
| 100 |
|
アフリカ | 760 |
| 101 |
|
オセアニア | 600 |
| 102 |
|
アフリカ | 545 |
| 103 |
|
南アメリカ | 516 |
| 104 |
|
南アメリカ | 160 |
| 105 |
|
アジア | 100 |
| 106 |
|
アフリカ | 75 |
| 107 |
|
アフリカ | 20 |
| 108 |
|
南アメリカ | 12 |
| 109 |
|
アジア | 3 |
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1989年の米生産量ランキングは、世界の農業政策や地理的条件が米という重要な食糧の供給にいかに大きな役割を果たしているかを示しています。上位を占める中国(1億8,013万トン)とインド(1億1,031万トン)は、人口規模が極めて大きいだけでなく、緑豊かな平野と十分な降水量を有する地域が広がっています。また、米がそれぞれの国民の主食として欠かせない存在であるという点も、この高い生産量の背景にはあります。これらの国では、生産と消費の双方が国内経済にとって重要な位置を占めていることがうかがえます。
続くインドネシア(4,472万トン)、バングラデシュ(2,678万トン)、タイ(2,060万トン)などの国々も生産量が目立ちますが、これらの国々は熱帯性モンスーン気候を特色とする温暖湿潤な地域に位置しており、米の栽培に理想的な自然条件を有しています。一方、日本は8位(1,293万トン)にランクしており、国土の狭さや冬季の長さを補う形で高い栽培技術を活用し安定した生産を維持しています。特に精密農業技術や品種改良の分野では世界的に高い評価を受けています。
米の生産は地域ごとに大きく異なりますが、その原因の一つとして地理的条件が挙げられます。降水量、水資源の確保、気温といった自然要因が米の収穫量に直結する一方、政府の農業政策やインフラ整備も重要です。たとえば、アメリカ(7位、1,073万トン)では大規模な農業機械の導入が生産効率を飛躍的に高めています。一方で、下位の国々、特にアフリカ諸国では、気候変動による水不足、農地の確保の難しさ、インフラの未整備が厳しい状況をもたらしています。
未来を考えると、米の需要はますます高まると予測されます。特に急激な人口増加が続くアジアやアフリカでは、食糧保障が大きな課題となるでしょう。これに対処するためには、技術転換による生産性向上が鍵になります。例えば、日本やアメリカが採用するような精密農業や機械化技術を発展途上国に移転する取り組みが求められます。また、水管理技術の改善や品種改良による気候変動への対応能力向上も重要です。
一方、地政学的リスクとしては、紛争地域や不安定な政情下にある国々では農業生産が停滞する可能性が高いことが懸念されます。例えば、アフリカや中東の一部では内戦が続いており、十分な農地確保が難しく、輸入に依存する構造が増しています。このような地域では食糧供給が不足すると社会不安が拡大する危険があります。国際社会は、これらの地域での食糧安定供給の枠組みを計画的に立てるべきです。
1989年の米生産ランキングは、単なる過去のデータとして見るのではなく、現代および未来の課題と対策を考えるための材料として活用すべきです。国連食糧農業機関(FAO)や世界銀行などの国際機関は、食糧問題を地球規模の課題として捉え、長期的な解決策を模索する役割を一層強化する必要があります。