国際連合食糧農業機関(FAO)が発表した2012年度の大豆生産量に関するデータによると、1位はアメリカ合衆国(82,790,870トン)、2位はブラジル(65,848,857トン)、3位はアルゼンチン(40,100,196トン)が占め、これら3か国で世界の大豆生産の大部分を占めています。一方、日本は19位(235,900トン)に位置しており、規模的には上位国と大きな差があります。
| 順位 | 国名 | 地域 | 生産量(トン) |
|---|---|---|---|
| 1 |
|
北アメリカ | 82,790,870 |
| 2 |
|
南アメリカ | 65,848,857 |
| 3 |
|
南アメリカ | 40,100,196 |
| 4 |
|
アジア | 14,666,000 |
| 5 |
|
アジア | 13,010,900 |
| 6 |
|
北アメリカ | 5,086,400 |
| 7 |
|
南アメリカ | 4,344,960 |
| 8 |
|
南アメリカ | 2,661,910 |
| 9 |
|
ヨーロッパ | 2,410,200 |
| 10 |
|
南アメリカ | 2,112,200 |
| 11 |
|
ヨーロッパ | 1,683,123 |
| 12 |
|
アジア | 843,153 |
| 13 |
|
アフリカ | 650,000 |
| 14 |
|
アフリカ | 650,000 |
| 15 |
|
ヨーロッパ | 422,130 |
| 16 |
|
アジア | 350,000 |
| 17 |
|
ヨーロッパ | 280,638 |
| 18 |
|
南アメリカ | 247,500 |
| 19 |
|
アジア | 235,900 |
| 20 |
|
アフリカ | 203,038 |
| 21 |
|
アジア | 173,672 |
| 22 |
|
アジア | 169,764 |
| 23 |
|
アジア | 167,600 |
| 24 |
|
アジア | 162,600 |
| 25 |
|
アフリカ | 151,709 |
| 26 |
|
アジア | 122,519 |
| 27 |
|
アジア | 120,165 |
| 28 |
|
アジア | 115,000 |
| 29 |
|
アフリカ | 106,592 |
| 30 |
|
ヨーロッパ | 104,330 |
| 31 |
|
ヨーロッパ | 104,143 |
| 32 |
|
ヨーロッパ | 103,935 |
| 33 |
|
ヨーロッパ | 96,718 |
| 34 |
|
南アメリカ | 86,634 |
| 35 |
|
オセアニア | 86,100 |
| 36 |
|
アフリカ | 77,124 |
| 37 |
|
アフリカ | 71,246 |
| 38 |
|
ヨーロッパ | 67,730 |
| 39 |
|
南アメリカ | 66,000 |
| 40 |
|
アジア | 64,251 |
| 41 |
|
アジア | 64,143 |
| 42 |
|
アフリカ | 63,653 |
| 43 |
|
ヨーロッパ | 48,227 |
| 44 |
|
ヨーロッパ | 41,832 |
| 45 |
|
南アメリカ | 37,000 |
| 46 |
|
アジア | 28,270 |
| 47 |
|
アフリカ | 26,000 |
| 48 |
|
アフリカ | 24,305 |
| 49 |
|
南アメリカ | 23,110 |
| 50 |
|
アフリカ | 23,000 |
| 51 |
|
アフリカ | 20,053 |
| 52 |
|
アフリカ | 18,544 |
| 53 |
|
ヨーロッパ | 13,149 |
| 54 |
|
アフリカ | 11,742 |
| 55 |
|
アフリカ | 8,269 |
| 56 |
|
南アメリカ | 7,137 |
| 57 |
|
ヨーロッパ | 6,708 |
| 58 |
|
アジア | 6,360 |
| 59 |
|
アフリカ | 5,898 |
| 60 |
|
アフリカ | 5,624 |
| 61 |
|
南アメリカ | 5,000 |
| 62 |
|
ヨーロッパ | 4,000 |
| 63 |
|
アフリカ | 3,600 |
| 64 |
|
アフリカ | 3,387 |
| 65 |
|
アフリカ | 3,200 |
| 66 |
|
ヨーロッパ | 3,050 |
| 67 |
|
アフリカ | 2,866 |
| 68 |
|
南アメリカ | 2,251 |
| 69 |
|
アフリカ | 2,075 |
| 70 |
|
アジア | 1,952 |
| 71 |
|
アジア | 1,670 |
| 72 |
|
ヨーロッパ | 1,460 |
| 73 |
|
ヨーロッパ | 1,333 |
| 74 |
|
南アメリカ | 1,270 |
| 75 |
|
南アメリカ | 1,057 |
| 76 |
|
アジア | 1,041 |
| 77 |
|
アフリカ | 1,000 |
| 78 |
|
アジア | 820 |
| 79 |
|
ヨーロッパ | 744 |
| 80 |
|
ヨーロッパ | 717 |
| 81 |
|
アジア | 567 |
| 82 |
|
アフリカ | 517 |
| 83 |
|
ヨーロッパ | 400 |
| 84 |
|
ヨーロッパ | 343 |
| 85 |
|
アジア | 294 |
| 86 |
|
ヨーロッパ | 196 |
| 87 |
|
アジア | 166 |
| 88 |
|
アジア | 159 |
| 89 |
|
南アメリカ | 105 |
| 90 |
|
アジア | 64 |
| 91 |
|
アジア | 45 |
| 92 |
|
アフリカ | 45 |
| 93 |
|
アジア | 26 |
| 94 |
|
アジア | 20 |
| 95 |
|
南アメリカ | 15 |
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大豆生産は、食糧供給の基礎を担う穀物の一種であり、特に植物性タンパク質の重要な供給源として世界的に利用されています。FAOの2012年のデータでは、アメリカ合衆国、ブラジル、アルゼンチンが突出しており、これらの3か国で世界全体の生産量の大部分を占めています。具体的には、これらの国々の合計生産量は約1億8,300万トンで、全体の70%以上を占める計算となります。この成功の背後には、広大な農地、機械化された農業手法、進化した品種改良技術、そして輸出志向の大規模な農業政策があります。
一方で、アジアを見てみると、4位のインドが14,666,000トン、5位の中国が13,010,900トンを生産していますが、アメリカやブラジルと比べると規模は小さめです。日本は19位であり、生産量が235,900トンにとどまっています。これは、日本の国土面積や多くの農地が山岳地帯であること、また都市化や高齢化が進む中で農業労働力の減少といった要因が影響しています。同時に、日本は大豆を利用した食品、特に味噌、醤油、豆腐といった伝統食品の消費量が高いため、需要の大部分を輸入に頼るのが現状です。
また、大豆生産上位国は、地政学的にも重要な役割を果たしています。例えばアメリカやブラジルは大豆を主要な輸出品としており、中国やヨーロッパ各国が主な輸入先です。しかし、気候変動や農業用地の拡大による森林破壊などの環境問題も深刻です。ブラジルではアマゾンの伐採が大豆生産拡大と結びついており、これは生態系への悪影響だけでなく、国際的な批判を招く要因ともなっています。
日本は限られた農地を有効活用するため、生産性の向上と農業技術の発展に力を入れる必要があります。特に、ニッチ市場に対応した高品質かつ特殊用途の大豆品種の栽培など、競争力のある生産戦略を検討すべきです。また、大豆供給への依存度を下げるためには、国内での自給率向上を図り、国際市場の不安定性への対応力を高めることが重要です。さらに、政府は農業従事者への支援政策を強化し、若い世代の農業参入を促進することが長期的な課題と言えます。
加えて、気候変動のリスクも無視できません。大豆は雨量や温度に敏感な作物であり、異常気象が頻発する中で生産量の安定化が難しい時代に入りつつあります。こうした中、国際的な協力を通じて気候変動に強い品種の開発や栽培技術の共有が必要となるでしょう。また、大豆に代わる植物性タンパク質の研究や利用可能性の拡大も、食糧確保の観点から有効な手段です。
結論として、2012年度のデータは、主要生産国が地政学的にも食糧安全保障の中心的役割を担う一方で、気候変動や環境負荷、高齢化社会といった課題に直面していることを示しています。今後、各国は国内の課題への対応とともに、国際協力を通じた持続可能な農業モデルの確立に努める必要があります。特に、日本は国内の農地を最大限に活用しつつ、大豆輸入国としてリスク分散を図るべきです。FAOや関連する国際機関と連携して長期的な戦略を描くことが重要だと考えられます。